अध्यापकों के मनमानी तरीके से विद्यालय आने जाने पर बच्चों के अविभावक व ग्रामीण खासा नाराज हैं
विद्यालय में एक शिक्षा मित्र तीन सहायक अध्यापक एक प्रधानाध्यापक तैनात हैं
लोगों का कहना है एक अध्यापक मोहम्मद हसन विद्यालय में समय से आते हैं प्रधानाध्यापक राकेश सिंह वर्षों से दोपहर में विद्यालय आकर उपस्थित दर्ज कर चले जाते हैं
अविभावकों का कहना है उनका बालू सीमेंट का दुकान है उसी के देख रेख में व्यस्त हो जाते हैं
मामले में प्रधानाध्यापक राकेश सिंह ने बताया कि आज किन्हीं कारणों से विद्यालय नहीं पहुंच पाया
ग्रामीणों का कहना है
शिक्षा न मिलने से हमारे बच्चों का भविष्य अधर में है
विद्यालय में सुधार की अतिआवश्यक है सरकार को ध्यान देना चाहिए -
विद्यालय जाने पर अध्यापक अपशब्दों का प्रयोग करते हैं आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं है कि बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ा सकें - ग्रामीण मनोज वर्मा
खण्ड शिक्षा अधिकारी विपुल उपाध्याय ने कहा कि मामले की जांच कर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी

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